कलम की ज़िम्मेदारी

कलम एक अमानत है।

इससे निकला हुआ हर लफ़्ज़ अल्लाह के सामने जवाबदेह है।

सच लिखना इबादत है और झूठ फैलाना गुनाह।

जो कलम को हक़ के लिए इस्तेमाल करे, वही कामयाब है।